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मुक्तिदाता गुरु

आज प्रथम जनवरी से नववर्ष प्रारम्भ हो गया। आप सभी लोग नए वर्ष का स्वागत ध्यान, जप, हवन, गुरु पूजा से प्रारम्भ कर रहे हैं।

परम वचन

यह शब्द अत्यन्त कीमती है। इसका अर्थ सत्य वचन नहीं होता है। चूँकि सत्य के विपरीत असत्य है।

पुरुषश्रेष्ठ अर्जुन के प्रश्नों पर भगवान् श्रीकृष्ण का निश्चय मत

हे पुरुषश्रेष्ठ अर्जुन! संन्यास और त्याग, इन दोनों में से पहले त्याग के विषय में तू मेरा निश्चय सुन| क्योंकि त्याग सात्त्विक, राजस और तामस भेद से तीन प्रकार का कहा गया है

बरसा बादल प्रेम का (गुरु पूर्णिमा विशेष)

आज गुरु पूर्णिमा है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा को ही गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। ऐसा क्यों? ज्येष्ठ की पूर्णिमा को क्यों नहीं?

जीवन, मृत्यु क्या है?

संसार शब्द का अर्थ है, जो निरंतर घूमता रहता है, गाड़ी के चाक की तरह। मन भी इसी तरह घूमता रहता है। एक ही विचार बार-बार घूमते रहते हैं।